कोठारिया

गाव के ठाकुर के वहा लेन देन के कार्य एव जरूरतमंद लोगो को राहत दिलाना आदि जिसमे राजपुरोहित की मध्यस्था से ही लेन देन संपन्न होता था उनको कोठारिया भी कहते है | परन्तु अपने आपको राजगुरु ही कहते है ( रेवदर पं. समिति में जेतावाडीया , निम्बज इत्यादी |) इस जाति / गौत्र का इतिहास / विवरण अगर आपके पास हो तो कृपया हमें 9782288336 नंबर पर व्हाट्स अप्प कर सकते है | धन्यवाद्

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