नेतरेराड

नेतरेराड जाति नेतरोड जाति उदालक गोत्र से निकली हुई है । और यह जाति उदेश जाति की ही उपजाति है । इस जाति के नाम पर एक गांव नेतरोड जो बाडमेर तहसील के पास आया हुआ है । उसके बारे में मिली जानकारी के अनुसार यह गांव नेतरोड ( नेतड ) पुरोहितो का गाव था पर वहीं पर आज एक भी पुरोहित का घर नही है । कारण कि इस गांव में भू पू ( ठाकुर ) के अत्याचार से त्रस्त होकर पुरोहितो ने इस गांव को त्याग दिया था और पुरोहितों के श्राप से उस ठाकुर को भयंकर बीमारी हो गई यह बीमारी बढ़ती ही गई तब गांव के ठाकुर ने इसे पुरोहितों का ही श्राप मानकर पुरोहितों से माफी मांगी और वापस नेतडियार गांव चलकर रहने की । विनती की जिसे पुरोहितो ने अस्वीकार कर दिया परन्तु गांव का नाम नेतडियार है । इस जाति की कुलदेवी मांता वांकल है जिनका भव्य मन्दिर चौहटन के पास पहाडियों के बीच आया हुआ है । इसी गांव के आस पास नेतड पुरोहितों के बहुत से गांव हैं

Back