सोढा

Pithalji सोढा (राजपुरोहित) वह मां Nagnechaya, सोढा की और राठौर की की कुलदेवी की मूर्ति के पास ले गया, कन्नौज से राव Sheoji और राजपुरोहित Devpal देव के साथ आया था। तब से सोढा Rajpurohits मां Nagnechaya मंदिर (nagana) के मुख्य न्यासी हैं। सोढा के (राजपुरोहित) कुलदेवी श्री Nagnechaya मां और श्री सोमेश्वर महादेव मंदिरों( नीमबो का नाथ महादेव ) प्राण-प्रतिष्ठा 7 मई 2009 सोढा के गोत्र rajpurohits पर Mayalawas Purohitan (Ta.-सिवाना, Dist.-बाड़मेर) पर प्रदर्शन किया गया था भारद्वाज है। वे जागीर के रूप में गांवों दिए गए थे और इन Mandli Guman सिंह जी, Tarsinghdi, Mayalawas, Ludrada, Gudda-नल, Megawas, Melibanda, Deriya, Simrakhia, Rewada, और बस्सी (जोधपुर) कर रहे हैं। कुलदेवी - चक्रेषवकरी देवी ये अपने मूल पुर्ष सोढल के नाम से सोढा कहलाते है। इनके बडेरे भी देपाल की तरह दलहर कन्नोज से राव सियाजी के साथ आये थे दलहर के बेटे पेथड़ को राव धूडजी के गांव तरिसींगडी जो अब परगने पचभद्दरे में है शासन दिया था इसके वंष वाले रासल मलीनाथजी और जैतमालजी की औलाद महेचा और धवेचा राठोड़ो के पुरोहित है और इनके शासन गांव जियादातर इन्हीं खांपो के दिये हुए मालाणी सिवाणों और षिव वगैरा परगने में है। ये लोग नाग्नेचाया माँ को भी अपनी कुलदेवी बोल ते हे

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