रायथला

रायथला भीनमाल से कुछ श्रीमाली ब्राह्मण परिवार विक्रम संवत 884 में ! बिखरे तब भमण करते करते हुए रायथल ग्राम में आकर बसे । यहां पाण्डवों क ! विश्राम किये जाने के दो स्थान ग्रामवासी बताते हैं यहाँ के रावजी से भी जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की गई परन्तु उटपटाग जानकारी मिली । उससे बेहतर ग्राम वासियों द्वारा जानकारी मिली । उसी के आधार पर ग्राम के पीछे रायथला हुए । है तथा मूल में श्री माली महर्षि शाडिल्य गोत्र व राजपुरोहित स्वीकार करते है । आगे की जानकारी नहीं । ( राव समाज बताने में असमर्थ है ।
इस जाति / गौत्र का इतिहास / विवरण हमारे पास उपलब्ध नही हैं | अगर आपके पास हो तो कृपया हमें 9782288336 नंबर पर व्हाट्स अप्प करें | धन्यवाद्

Back