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JODHPUR RAJPUROHIT HOSTEL(जोधपुर)

श्री राजपुरोहित छात्रावास जोधपुर जोधपुर शहर राजस्थान राज्य का दुसरा बडा महानगर हो जाने से शैक्षणिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है , क्योंकि यहां विद्यालय , महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के साथ - साथ आयुर्विज्ञान , अभियांत्रिक कालेज कई अन्य शैक्षणिक संस्थाएं होने से शहर को शिक्षण केन्द्र के रूप में भी समझे तो भी अतिश्योक्ति नहीं होगी । साथ ही जोधपुर , पाली , जालोर , सिरोही , नागौर , बाडमेर , जैसलमेर , बीकानेर इत्यादि जिलों के सजातिय बन्धुओं की भावी पीढी की शिक्षा के लिए यह स्थान बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि हर परिवार इतना सक्षम नहीं है , कि जयपुर अथवा बाहर ( दूसरे राज्यों में ) भेजकर शिक्षा प्राप्त कराये । इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए इस छात्रावास की नींव रखने की मंत्रणा 1921 में हुई व 1922 में चांदपोल के अंदर फुलेलाव घाट पर ही इसकी शुरूआत की गई । 1929 तक चलाकर इसे बंद कराना पडा पुनः 1933 में शिक्षा प्रेमियो ने प्रयास किया तब 5ि937 में महाराजा भोपालसिंहजी के नोहरे में छात्रावास की शुरूआत की जिसमें मात्र दो विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया । धीरे - धीरे संख्या बढने लगी तब जगह बदल कर नागौरी गेट के अन्दर सिन्धी साहबजादे की हवेली में व्यवस्था की । तत्पश्चात भी कई स्थान बदले । 1938 में सोजतीगेट 1939 जालोरी गेट के अन्दर , 1940 शकर भवन , तg42 में रोड़ नं आठ सरदारपुरा , 1945 - 1948 नकटी पुलिया पास 1946 में राजपुरोहित समाज का एक महासम्मेलन बुलाया गया , फलस्वरूप भवन में गया । 1949 - 50 में नकटी पुलिया से हटाकर वर्तमान के में निजी लाया तg50 - 57 पुरोहित समाज का चौथा आम सम्मेलन हुआ , नई कार्यकारिणी गठित हुई परन्तु मात्र पदाधिकारी ही बने रहे . ध्यान नहीं देने से पूर्णत : अव्यवस्था का आधिपत्य हो गया । छात्रों की जगह नौकरी करने वाले अस्थाई तौर पर रहने लगे । 984 में पांचवा सम्मेलन हुआ । शिक्षा के महत्व को समझते हुए कुशल नेतृत्व में दानदाता , भामाशाह , समाज सेवियों के समर्पित भाव से जुडने के पश्चात इस छात्रावास निर्माण हुआ ।वर्तमान स्थिति - यह छात्रावास जोधपुर शहर के बीचों बीच - स्थित । में 6 कमरे सभाभवन , भोजन है इस छात्रावास करीब , कक्ष रसोईघर है रसोईघर में एक फ्रिज व छात्रों को ठंडा पेयजल हेतु एक वाटर कुलर भी लगा है । इस छात्रावास में करीब 140 छात्र अध्ययनरत हैं । यह छात्रावास 2 भागों में हुआ है । एक भाग कॉलेज के छात्रों के लिये तथा दूसरा भाग स्कूल छात्रों को सविधा मुहैया करवाता है । स्कूल छात्रावास में कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों की प्रवेश दिया जाता है । कॉलेज छात्रावास में 15 सीटे पी . जी . व प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी करने के वाले छात्रों के लिये सुरक्षित है । बी . ए . बी . एस सी , बी कॉम प्रथम वर्ष में प्रवेश वरियतानुसार दिया जाता हैं । इस छात्रावास में वर्ष 1997 : अखिल भारतीय राजपुरोहित समाज विकास संस्थान के सहयोग से लाईब्ररी द वाचनालय चलाया जा रहा है । लाईब्रेरी में कोर्स की पुस्तकें , अखबार पत्रिकाए रोजगार संदेश व कई प्रकार की पत्रिकाएं उपलब्ध हैं

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